Dilip Kumar


1944 ज्वार भाटा  के साथ अपने लम्बे कैरियर की शुरुआत करने वाले मुहम्मद युसुफ़ खान को लोग दिलीप कुमार के नाम से जानते है, जुगनु के साथ उन्हे पहली बडी सफलता हासिल हुई,  मुगले आज़म, अंदाज़ और आन जैसी फिल्में उनके अभिनय की अनोखी दास्तान पेश करती हैं ।

दिलीप कुमार का लोहा हिंदी सिनेमा जगत में हर कोई मानता है, अपने समकालीन देवानंद और राज कपूर के साथ उनकी तिकडी सिनेमा के प्रारंभिक दौर की खासियत रही है । नूर जंहा, वैजयंती माला, मधु बाला, मीना कुमारी और नर्गिस उनकी प्रमुख नायिकायें रहीं, उन्हे ट्रैजडी किंग के नाम से भी जाना जाता है,  उनके काम की सराहना हिन्दुस्तान ही नही बल्कि पाकिस्तान में भी खूब जम कर हुई इतना ही नही पाकिस्तान ने उन्हे अपने सर्वोच्च सम्मान ‘निशान-ए-इम्तियाज़’ से भी नवाज़ा । हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री को दो भागों में बांटा  जा सकता है, एक दिलीप कुमार के पहले का और दूसरा उनके बाद का दौर । हिंदी सिनेमा के उस ज़माने के बड़े कलाकारों में 93 वर्षीय दिलीप कुमार ने 1998 के बाद से कोई फिल्म नही की । दादा साहेब फाल्के अवार्ड के अतिरिक्त आठ बार फिल्मफेयर द्वारा सर्वश्रेष्ठ अभिनेता चुना जाना, 19 बार इसके लिये मनोनीत किया जाना उनके अंदाज़ और अभिनय शक्ति का समुचित परिचय देते है, उन्हे पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया ।

क्रमांक फिल्म वर्ष निर्देशक अन्य कलाकार
1 मुगले आज़म 1961 के आसिफ पृथ्वीराज कपूर, मधु बाला, दुर्गा खोटे
2 अंदाज़ 1949 महबूब खान नर्गिस, राज कपूर
3 आन 1952 महबूब खान निम्मी, नादिरा, प्रेमनाथ
4 देवदास 1955 बिमल रॉय वैजयंती माला, सुचित्रा सेन
5 यहूदी  1958 बिमल रॉय मीना कुमारी, सोहराब मोदी, नाज़िर हुसैन
6 गंगा जमुना 1961 नितिन बोस वैजयंती माला, नासिर खान
7 नया दौर 1957 बी आर चोपड़ा वैजयंती माला, अजीत
8 शक्ति 1977 रमेश सिप्पी अमिताभ बच्चन, राखी, स्मिता पाटिल
9 राम और श्याम 1967 टापी चाणक्य वहीदा रहमान, मुमताज़, प्राण
10 मधुमति  1958 बिमल रॉय वैजयंती माला, प्राण

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