Symbolic Shailendra Songs


प्रतीकात्मक शैलेंद्र
आज यह निशचय किया गया है कि रुपये में सोलह गाने नामक इस श्रंखला का प्रमुख आलेख हिंदी में प्रस्तुत किया जायेगा –
स्व. शैलेंद्र का फिल्मों में गीत लिखने का किस्सा वाकई रोचक रहा, प्रारंभ में जब राज कपूर साहब ने शैलेंद्र से अपनी आगामी फ़िल्म आग के लिये गीत लिखने का अनुरोध किया तो शैलेंद्र ने उनका यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था, लगभग वैसे ही जैसे आने वाले दिनों में गुलज़ार साहब ने शैलेंद्र के कहने पर सचिन दा की बंदिनी में लिखने में कोतही जताई थी । खैर, समय को कुछ और ही मंजूर था, बम्बई की अपनी निजी ज़िंदगी में आर्थिक कारणों से परेशान एक दिन वे स्वयं ही राज कपूर के दफ्तर पहुंचे और यह सत्य है कि राज कपूर ने सहर्ष ही उन्हे अपनी फिल्म बरसात के लिये अनुबंधित कर लिया और दोनो में गहरी दोस्ती हो गई । इसमें अतिश्योक्ति न होगी कि अगर मुकेश राज कपूर की आवाज़ थे तो उस आवाज़ के लिये बेहतरीन नगमे लिखने का काम शैलेंद्र ने बखूबी किया, इस संदर्भ में संगीतकार शंकर जयकिशन इस चौकडी के बेमिसाल कडी साबित हुये यह तो कोई भी बता सकता है ।
बहरहाल, शैलेंद्र ने हिंदी संगीत प्रेमियों की झोली में कुछ ऐसे नगमे लिख डाले जो आज इतने बरसों बाद भी लोकप्रियता के शिखर पर राज कर रहे हैं । कालांतर में मुकेश और राज कपूर के प्रति तीन रुपये में सोलह गाने ज़ारी करने के पश्चात यह अवश्य ही एक मुश्किल कार्य था कि शैलेंद्र की रचनात्मकता को बिल्कुल नयापन दिया जा सके, इसके बाद भी आप पायेगें कि उनके प्रतीकात्मक चुने हुये गानों की इस फेहरिश्त में काफ़ी कुछ नया देखने सुनने को मिल सकता है ।
अनाडी, श्री 420, जिस देश में गंगा बहती है, बरसात, तीसरी कसम, आह और संगम जैसी फिल्मों से मात्र एक ही गीत चुनने में जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ा है उसे सरल शब्दों में आपको समझा नही सकता बस यही समझ लीजिये कि सजन रे झूठ मत बोलो जैसे परम प्रिय गीत को इस लिस्ट में जगह न दे पाना कितनी विकट मजबूरी रही होगी, हालांकि सब कुछ सीखा हमने न सीखी होशियारी ड्रूपल वैबसाईट पर विशेष प्रस्तुति के लिये चुना गया है तथापि तीसरी कसम का सजन रे झूठ मत बोलो और श्री 420 के ‘मेरा जूता है जापानी ‘ के साथ मै अवश्य ही अन्याय कर बैठा हूं इस बात क अफ़सोस न भी हो पर मलाल तो अवश्य ही अनुभव हो रहा है – किशोर दा का कोई भी गाना यहां सम्मिलित नही कर पाने का भी गम रहेगा ।
शैलेंद्र – जन्म 30 अगस्त 1923 मृत्यु 14 दिसंबर 1966

आईये देखें किन सोलह गानों के साथ यह रुपये में सोलह गाने की श्रंखला मैने आप सबके लिये यहां सजाई है –
रुपये में सोलह गाने – शैलेंद्र


अभय शर्मा 30 अगस्त 2017
Addendum : Last night in a discussion with one of the knowledgeable nephew, not only academically but also with his hold on old Hindi songs.. I do present a second string of the songs.. many of which were suggested by Nitin Sharma of California..
It also gave me a fillip to include a rich variety of songs which could not all be included in the main listing provided by me.. a few songs esp. the Chori Chori duet is added on suggestion by Dr. Nandita.. well .. much of it can change in case Nitin does get time and responds to my request of sending a list of his own favorites.. these are for now representation of Shailendra as Nitin might have loved to project.. and as an afterthought Awara does get two songs I am afraid the Ghar aaya mera pardesi could not be left out even if it walks in at the cost of Chhod Gaye balam.. I actually love this song also for a presentation by Pakistan artists at youtube many years ago..
Nitin Presents Shailendra is here for you all..

You may actually find it is better than the first list.. no comparisons.. I was tied down by some inhibitions of not being over-repetitive and not responding to a bias doubt by Kukki Sharma.. I am biased towards Mukesh yet not at the cost of leaving out the best.. I hope all of you would love this additional listing.. and to my pleasant surprise it has more Mukesh songs than I had included.. Ha !

Abhaya Sharma August 31 2017

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